चूरू: उपराष्ट्रपति पद त्यागने के पीछे स्वास्थ्य नहीं, 'स्वास्थ्य साधना' थी मकसद — जगदीप धनखड़

चूरू: उपराष्ट्रपति पद त्यागने के पीछे स्वास्थ्य नहीं, 'स्वास्थ्य साधना' थी मकसद — जगदीप धनखड़

Churu: The reason behind resigning from the post of

Churu: The reason behind resigning from the post of

चूरू: देश के पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ जब अपनों के बीच पहुंचते हैं, तो उनकी बातें राजनीति की औपचारिकताओं से इतर दिल की गहराई से निकलती हैं। हाल ही में सादुलपुर दौरे के दौरान धनखड़ ने अपने पद छोड़ने के निर्णय और अपने चिर-परिचित मजाकिया अंदाज से देश की राजनीति में एक नई हलचल पैदा कर दी है। अब तक इस्तीफे के पीछे स्वास्थ्य कारण होने का हवाला दिया जा रहा था, लेकिन अब धनकड़ ने इस दावे से इनकार कर दिया है।
 

इस्तीफा नहीं, यह तो 'स्वास्थ्य साधना' है

उपराष्ट्रपति पद त्यागने के बाद पहली बार जगदीप धनखड़ ने सार्वजनिक रूप से अपनी चुप्पी तोड़ी। सियासी गलियारों में उनके इस्तीफे को लेकर कई तरह की अटकलें लगाई जा रही थीं, लेकिन धनखड़ ने बड़े ही शालीन और दार्शनिक अंदाज में स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने कहा-

मैंने स्वास्थ्य के प्रति कभी लापरवाही नहीं बरती। जब मैंने कहा कि मैं पद त्याग रहा हूं, तो इसका अर्थ यह कभी नहीं था कि मैं बीमार हूं। मैंने केवल स्वास्थ्य को वह अहमियत दी है, जो उसे मिलनी चाहिए। हमारे शास्त्रों में भी लिखा है कि पहला सुख निरोगी काया।

 

'दाढ़ी' वाले बयान पर मजाकिया अंदाज या कुछ और?

चूरू के सादुलपुर में सांसद राहुल कस्वां के आवास पर स्वागत के दौरान एक ऐसा वीडियो वायरल हुआ, जिसने सबको मुस्कुराने पर मजबूर कर दिया। धनखड़ ने स्वागत करने आए एक व्यक्ति को देखकर हंसते हुए कहा, 'मैं दाढ़ी वालों को देखते ही डर जाता हूं।' इतना ही नहीं, उन्होंने अपनी चुटकी को आगे बढ़ाते हुए यह भी कह दिया कि उनका अपना ओएसडी भी अपनी भारी दाढ़ी की वजह से उन्हें डराता है।

कार्यकाल खत्म होने से दो साल पहले ही ले लिया था इस्तीफा

पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने अपने पद से 21 जुलाई 2025 को इस्तीफा दिया था। उन्होंने अपना इस्तीफा राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु को सौंपा, जिसे 22 जुलाई 2025 को स्वीकार कर लिया गया। उनका कार्यकाल अगस्त 2027 तक था, लेकिन उन्होंने इसे दो साल पहले ही समाप्त कर दिया। उनके इस्तीफे के बाद सी. पी. राधाकृष्णन को नया उपराष्ट्रपति चुना गया। हाल ही में चूरू में उन्होंने स्पष्ट किया कि वे बीमार नहीं थे, बल्कि स्वास्थ्य को प्राथमिकता देना चाहते थे।